यमुनानगर में नाबालिग बहनों से कथित शोषण का मामला, महिला थाना ने दर्ज किए दो अलग-अलग केस

यमुनानगर में नाबालिग बहनों से कथित शोषण का मामला, महिला थाना ने दर्ज किए दो अलग-अलग केस
यमुनानगर जिले से बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां महिला थाना यमुनानगर ने दो नाबालिग सगी बहनों के यौन शोषण के आरोपों में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि 13 और 15 वर्ष की किशोरियों के साथ उनके ही पारिवारिक दायरे में शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न किया गया। इस घटना ने एक बार फिर पारिवारिक संरक्षण में रह रहे बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दादी के संरक्षण में रह रहीं थीं दोनों किशोरियां
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों नाबालिग बहनें पिछले कुछ समय से अपनी दादी के पास रह रही थीं। शिकायत में बताया गया है कि इसी दौरान परिवार के कुछ नजदीकी सदस्यों, जिनमें बुआ और फूफा शामिल बताए जा रहे हैं, ने उनके साथ कथित रूप से अनुचित व्यवहार किया। पीड़िताओं का आरोप है कि शोषण के साथ-साथ उन्हें लगातार डराया-धमकाया गया और विरोध करने पर मारपीट भी की गई। इस कारण वे लंबे समय तक अपनी पीड़ा किसी के सामने नहीं रख सकीं।
काउंसलिंग प्रक्रिया में सामने आई सच्चाई
मामले की गंभीरता उस समय और बढ़ गई जब प्रशासनिक समिति द्वारा कराई गई काउंसलिंग के दौरान किशोरियों ने अपने साथ हुई घटनाओं का खुलासा किया। काउंसलिंग रिपोर्ट के आधार पर महिला थाना यमुनानगर ने तुरंत संज्ञान लेते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू की और दो अलग-अलग केस दर्ज किए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि काउंसलिंग के दौरान सामने आए तथ्यों को बेहद गंभीरता से लिया गया है।
बाल संरक्षण कानून के तहत दर्ज हुआ मामला
महिला थाना की जांच अधिकारी कमला देवी और अमरदीप ने बताया कि यह पूरा मामला बाल यौन अपराधों से जुड़े कड़े कानूनों के अंतर्गत आता है। जांच के दौरान पीड़ित नाबालिगों की पहचान, गोपनीयता और सम्मान की पूरी तरह से सुरक्षा की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून के तहत सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन और पुलिस का सख्त संदेश
पुलिस और जिला प्रशासन ने इस मामले को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है कि नाबालिगों के खिलाफ किसी भी प्रकार का शोषण अक्षम्य अपराध है। ऐसे मामलों में न सिर्फ कानून, बल्कि समाज की भी अहम भूमिका होती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी बच्चों के साथ दुर्व्यवहार या शोषण की आशंका हो, तो बिना देरी किए पुलिस या संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।
बच्चों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह मामला यह सोचने पर मजबूर करता है कि जिन बच्चों को पारिवारिक माहौल में सबसे ज्यादा सुरक्षित होना चाहिए, वहीं यदि वे असुरक्षित हों तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। फिलहाल महिला थाना यमुनानगर की टीम मामले की गहनता से जांच कर रही है और पीड़ित बहनों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

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